माओवादी राजनीतिक बंदी “हुसैन उज़ुंदाग” ने भारत में शहीद हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बसवराज और अन्य शहीद जनयोद्धाओं को समर्पित कुछ कवितायें लिखी हैं।
(हुसैन उज़ुंदाग तुर्की के माओवादी आंदोलन से जुड़े एक माओवादी राजनीतिक बंदी हैं। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, वे 2002 से जेल में हैं और वर्तमान में तुर्की की तेकिरदाग नं. 1 एफ-टाइप उच्च सुरक्षा जेल में बंद हैं।)
अपनी कविता में उज़ुंदाग ने भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के महासचिव बसवराज को याद किया है, जो 21 मई 2025 को अपने 27 साथियों के साथ शहीद हुए थे। उन्होंने “पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी” के कमांडर हिडमा को भी याद किया जो 18 नवंबर 2025 को शहीद हुए, और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की सदस्य रेणुका को भी, जो 31 मार्च 2025 को शहीद हुई थीं। इस तरह इन तीन व्यक्तित्वों के माध्यम से भारत में जनयुद्ध और संशोधनवादी धारा के विरुद्ध इसके संघर्ष को कविता में अभिव्यक्ति मिली है।
ये कवितायें दो शीर्षकों—”गुंडेकोट के शहीदों को विदाई / कॉमरेड दादा के नाम” और “आदिवासियों के विद्रोही बच्चों के नाम”—के अंतर्गत कुल 14 कविताओं में विभाजित है।
अब हम यह कविता अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं….
[अनुवाद: मनीष आज़ाद]
हमने पाठकों के लिए इस कविता को किताब के रूप में उपलब्ध कराया है। पाठक इसे डाउनलोड करके पढ़ सकते हैं।



