दीपक भारती की तीन कविताएँ
राम-राज्य का डर मुझे राम-राज्य से डर लगता है क्योंकि.... वाल्मीकि के अनुसार राम के राजत्व में ही स्वयं राम ने शंबूक का वध किया, सीता को प्रताड़ित किया, दासों, शूद्रों, आदिवासियों.... को अपमानित किया। गाँधी के राम-राज्य में शूद्र, दलित, आदिवासी, स्त्री.... पिछड़ों में भी पिछड़े ही बने रहे और सत्ता का सुख अगड़े, सवर्ण व वर्चस्ववादी पौरुष ही लेते रहे। और आज के राम-राज्य में? यहाँ तो बहुसंख्यक

